सामूहिक दुष्कर्म के प्रकरण में आरोपी परिवहन निगम के खजांची राजेश सोनकर ने वारदात की रात सरकारी खजाने की भी चिंता नहीं की। उनकी ड्यूटी कैशरूम में थी, वह कैशरूम को छोड़कर उस बस पर चले गए, जहां पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। इसके बाद से वह लगातार कैश रूम में ड्यूृटी कर रहे थेे। शनिवार की रात को उन्हें पुलिस ने ड्यूटी के दौरान ही हिरासत में लिया गया।
12 अगस्त की रात परिवहन निगम के नियमित परिचालक राजेश सोनकर की ड्यूटी कैश रूम में थी। निगम की बसों के परिचालक कैश लाकर इनके पास जमा करते थे। रात दस बसे से इनकी ड्यूटी शुरू हुई, जो सुबह छह बजे तक चलनी थी। इसी बीच रात में करीब 12 से एक के बीच यह कैश रूम छोड़कर उस बस पर चले गए, जहां वारदात को अंजाम दिया गया। परिवहन निगम के अनुसार इस घटना की जानकारी निगम प्रशासन को नहीं थी, इसलिए वह लगातार ड्यूटी कर रहे थे। 17 अगस्त की रात को पुलिस ने उन्हें ड्यूूटी के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
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Iसाहब, कैश जमा नहीं हो रहा हैI
रात लगभग नौ बजे समयपाल तालेश्वर सिंह ने फोन कर निगम के अधिकारियों को बताया कि डिपो में कैश जमा नहीं हो रहा है। खजांची राजेश सोनकर मौके से गायब हैं। उन्हें पुलिस उठा ले गई है। उसी समय अन्य खजांची देवेंद्र गौतम व इंद्रमोहन जोशी को बुलाया गया। ई-टिकटिंग लिपिक पुलिस चौकी से कैश रूम की चाबी लेकर आए। कर्मचारियों ने बताया कि राजेश सोनकर को पुलिस उठाकर ले गई है। वह किसी मामले में आरोपी हैं।