अपने लाल को पाल पोषकर बड़ा किया। खेलना, खाना सिखाया। चलना-फिरना सिखाया, उंगली पड़कर दूर तक साथ ले गई, अब मेरा बेटा इस देश को संभालेगा। अब यह मेरा बेटा नहीं, बल्कि अफसर बनने के बाद पूरे देश का बेटा बन गया है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है अब वह सेना में अधिकारी बनकर वह भारत माता की रक्षा करेगा।
शनिवार को आईएमए में पासिंग आउट परेड के दौरान युवा सैन्य अधिकारियों माताओं ने यह बात कही। अपने बेटों की वर्दी पर सितारे सजाते हुए गर्व से मां की आंखे छलक आईं। जेंटलमैन कैटेड्स की माताओं ने कहा कि जब भी कोई परेशानी आएगी तो मेरा बेटा देश के लिए सीना तान के खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने प्राण भी न्यौछावर करने पड़े तो मुझे खुशी होगी कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हो गया।
Iबेटे का जीवन अब देश के लिएI
परिवार की दूसरी पीढ़ी में सेना अधिकारी बने अल्मोड़ा के सोमेश्वर निवासी यशराज सिंह ने कहा, अभी तक अपने परिवार के लिए जी रहा था। लेकिन आगे का जीवन देश के लिए होगा। पिताजी मदन सिंह ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की है। मां उमा देवी ने कहा, बेटे ने सैन्य अफसर बनकर परिवार के साथ प्रदेश का नाम रोशन किया है।
Iछोटे जिले से निकले पंकज, निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारीI
उत्तराखंड के छोटे जिले बागेश्वर से निकल पंकज जोशी सेना में अफसर बन गए हैं। पीओपी के बाद उन्होंने कहा, उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ सैन्यभूमि भी है। यही वजह रही कि देश की सेवा करने के लिए बचपन से सपना संजोया था जो परिवार के सहयोग व अपनी मेहनत-लगन से आज वह पूरा भी हो गया। इस मौके पर उनके पिता सुरेश चंद्र जोशी, मां मुन्नी जोशी व बहन साक्षी ने कहा, आज का दिन पूरे परिवार के लिए बेहद खास है। शब्दों में इसे बयां नहीं किया जा सकता।
Iदादा से कहानियां सुन देश सेवा का लिया संकल्प : विक्कीI
ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर निवासी विक्की मेहता को अपने दादा धर्म सिंह से सेना में आने की प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया, बचपन में दादा से सेना की बहुत सारी कहानियां सुनी थीं। उन्हें सुन-सुनकर देशसेवा का संकल्प लिया था। आईएमए में मौजूद उनके पिता इंदर सिंह मेहता व मां इंदु मेहता ने कहा, बेटे को अफसर बनते देख ऐसा लग रहा है जैसे कोई वर्षों का सजाया सपना आज पूरा हो गया। बेटे ने अपनी मेहनत और सच्ची लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
Iमामा को देखकर सेना में जाना सपना थाI
उत्तराखंड के रहने वाले ब्रिजेश सिंह नेगी का परिवार इन दिनों नोएडा में रहता है। ब्रिजेश की मां उमा ने बताया कि ब्रिजेश के नाना और मामा सेना में थे। बचपन में उन्हें बेटा देखा करता था तो यही कहता था कि मां मुझे भी ऐसी वर्दी पहननी है। बृजेश मेरा छोटा लाडला बेटा है, लेकिन अब यह पूरे देश का बेटा बन गया है और देश की रक्षा करेगा। इसी संकल्प के साथ हम इस देश की सेवा के लिए उसे भेज रहे हैं। मेरे पास बड़ा बेटा रहेगा।
Iपिता का सपना पूरा कर रहा बेटाI
अल्मोड़ा के गड़सारी निवासी ईश्वर सिंह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इससे पहले ईश्वर ने बतौर सिपाही सेना में सेवा दी है। मां पार्वती देवी ने बताया कि मेरा बेटा पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहा है। मेरे पति सेना में हवलदार थे अब बेटा उनका सपना पूरा कर रहा है। मेरे बेटे ने मेरी कोख से जन्म लेकर मुझे पवित्र कर दिया। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि यह मेरा लाल है जो अब पूरे देश का लाल बन गया है।