दून अस्पताल में डिजिटल मेमोग्राफी की गलत रिपोर्ट आने पर संबंधित निजी संस्था को शुक्रवार को अस्पताल तलब किया गया। संबंधित संस्था ने गलत रिपोर्ट देने वाले रेडियोलॉजिस्ट को बदलकर उसकी जगह पर दूसरा रेडियोलॉजिस्ट लगाने की बात कही है।
दरअसल दून अस्पताल में लगी डिजिटल मेमोग्राफी मशीन से ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जानने में आसानी होती है। इस जांच के माध्यम से ब्रेस्ट में एक सेंटीमीटर से कम की गांठ का भी पता चल जाता है। इस जांच की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन संबंधित निजी संस्था को ऑनलाइन भेजता है। संस्था का रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट को ऑनलाइन देखकर अस्पताल प्रशासन को रिपोर्ट देता है। पिछले दिनों डिजिटल मेमोग्राफी की रिपोर्ट को रेडियोलॉजिस्ट ने सामान्य बता दिया था जबकि डॉक्टर ने जांच की दूसरी प्रक्रिया अपनाई तो उसमें ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई। इस तरह के तीन से चार केस में हुआ तो अस्पताल प्रशासन ने संस्था से शिकायत की। अमर उजाला ने भी इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और वार्ता के लिए संस्था के सदस्यों को अस्पताल बुलाया गया।
रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा
दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि सिटी स्कैन, एमआरआई की रिपोर्ट भी निजी संस्था को ऑनलाइन भेजी जाती है। ऐसे में बात हुई है कि रिपोर्ट के लिए मरीजों को इंतजार न करना पड़े। ओपीडी के मरीजों को उसी दिन और इमरजेंसी के मरीजों को रिपोर्ट एक घंटे के अंदर मिल जाए तो मरीजों को परेशानी नहीं होगी। संस्था की ओर से इसपर भी हामी भरी गई है।
रेडियोलॉजिस्ट का फोन नंबर भी लेगा अस्पताल
डॉ. अनुराग ने बताया कि मेमोग्राफी की रिपोर्ट देखने के लिए उनके पास एक टीम है। एक रेडियोलॉजिस्ट की जगह दूसरा रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट देखेगा। इसके अलावा अस्पताल की ओर से भी रिपोर्ट का ऑडिट किया जाएगा। यह भी तय हुआ है कि रेडियोलॉजिस्ट का फोन नंबर भी दिया जाए। अगर डॉक्टर को रिपोर्ट में कुछ संदेह लगे तो वह पूछ सकता है।