कोरोना संदिग्धों के मामलों में भी अब चिकित्सकों ने मनोवैज्ञानिकों की सहायता लेनी शुरू कर दी है । कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती दो संदिग्ध विदेशी कोरोना पीड़ितों का वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एन. एस. बिष्ट के निर्देशन में इलाज चल रहा था।
इसी क्रम में अस्पताल की मनोवैज्ञानिक डॉ. नीलम जोशी ने भर्ती संदिग्धों की काउंसलिंग की। डॉ. नीलम जोशी ने बताया कि कोरोना को लेकर अधिक पैनिक होने की दशा में मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग बहुत मददगार साबित होती है। जो व्यक्ति के भीतर बहुत सकारात्मक सोच विकसित करती है ।