आज द्वार और बिशलाड़ खत के ग्रामीण दांवापुल-खारसी मोटर के डामरीकरण की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि 30 साल से सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग उनकी सुनने के लिए तैयार ही नहीं है। कहा कि ग्रामीण रोजाना 16 किलोमीटर उबड़ खाबड़ रास्ते पर सफर करते हैं। 108 इमरजेंसी एंबुलेंस भी कच्चे मोटर मार्ग पर नहीं आ पाती है।
रविवार को द्वार खत के सदर स्याणा रजनीश सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य मीरा जोशी, युवा संगठन खत द्वार के अध्यक्ष राकेश भट्ट, पूर्व प्रधान सुरेश थपलियाल आदि ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने 30 साल पूर्व में बने 16 किमी लंबे दांवापुल-खारसी मोटर मार्ग की कटिंग की थी, लेकिन अब तक सड़क डामारीकरण नहीं किया गया है। डामरीकरण न होने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरा रोष है।
उन्होंने बताया कि मोटर मार्ग से दोनों खतों के मिंडाल, खनाड़, सिचाड़, कुराड़, बनियाना, मंझगांव, समोग, थणता, जोगियों, खारसी, बैरावा आदि एक दर्जन गांवों की करीब पांच हजार की आबादी जुड़ी है। मार्ग इतना उबड़ खाबड़ है कि 108 एंबुलेंस भी मोटर मार्ग पर नहीं जा सकती है। कई बार मरीजों को निजी वाहन से मुख्य मार्ग तक लाना पड़ा है। खस्ताहाल मोटर मार्ग पर एक दर्जन लोग दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके है।
कहा कि ग्रामीणों ने 16 जून को भी लोक निर्माण विभाग चकराता के कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया था, तब अधिशासी अभियंता ने दो माह के भीतर मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के टेंडर जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अधिकारी अपनी बात पर खरे नहीं उतरे। कहा कि ग्रामीण आज से लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
वर्जन
दांवापुल खारसी मोटर मार्ग के लिए 30 अगस्त को 18 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए अधीक्षण अभियंता को भेज दिया था। ग्रामीणों से वित्तीय स्वीकृति मिलने तक धरना प्रदर्शन स्थगित करने की अपील भी की गई है। - एलके गोयल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, चकराता खंड