दस्ते ने जब पड़ताल शुरू की तब सामने आया कि मोबाइल फोन एप्लीकेशन जस्ट डॉयल पर दीपिका और रविकांत ने आयशा मसाज पार्लर दर्शाया हुआ है और अपने मोबाइल फोन उस पर रजिस्टर्ड किए हुए हैं।
ऐसे में ग्राहक सीधे इन्हें से संपर्क करते थे। फिर रविकांत ही मोलभाव होने के बाद कॉलगर्ल को ग्राहक के बताए पते पर छोड़कर आता था।
दस्ते के प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि पूर्व में भी रविकांत को हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पकड़ा था। उसकी तलाश में भी पुलिस टीम जुटी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
होटल के मैनेजर अमित शर्मा और विनोद पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। फिलहाल होटल के उन कमरों को भी पुलिस ने लॉक कर चाभी कब्जे में ले ली है ताकि यथास्थिति बनी रहे। विवेचक के उन कमरों का मुआयना करने के बाद ही कमरों की चाभी प्रबंधन को दे दी जाएगी। यह भी सामने आया है कि महज डेढ़ हजार की रकम लेकर अय्याशी के लिए कमरे उपलब्ध कराए गए थे।
सप्ताह भर के लिए आती है कॉलगर्ल
मानव तस्करी दस्ते के हत्थे चढ़ी दो कॉलगर्ल मूल रूप से पश्चिम बंगाल और असम से ताल्लुक रखती है। दस्ते के प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि कॉलगर्ल पूरे सप्ताह के लिए दिल्ली से बुलाई जाती थी। बाकायदा पूरे सप्ताह की रकम तय कर ली जाती है और खाने, ठहरने का इंतजाम रैकेट संचालक करते थे।