यमुना और टोंस में गाद की मात्रा बढ़ने पर रविवार को डाकपत्थर बैराज से नदी में 59,854 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। व्यासी परियोजना में करीब छह घंटे, छिबरौ और खोदरी जल विद्युत गृह में पांच घंटे तक बिजली का उत्पादन बंद रहा। ढालीपुर और ढकरानी जल विद्युत गृह में दूसरे दिन करीब 27 घंटे बाद उत्पादन शुरू हुआ। टोंस और यमुना नदी में गाद की मात्रा बढ़ गई थी। सुबह करीब 11 बजे व्यासी और इच्छाड़ी बांध से पानी छोड़ा गया। उसके बाद दोपहर 12 बजे व्यासी परियोजना में बिजली का उत्पादन बंद हो गया। छिबरौ और खोदरी जल विद्युत गृह में करीब एक बजे उत्पादन बंद हो गया। यमुना में लगातार गाद आ रहा था। इसके चलते शनिवार दोपहर एक बजे से ढालीपुर और ढकरानी जल विद्युत केंद्र में उत्पादन बंद था। यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि व्यासी परियोजना, खोदरी, छिबरौ में शाम छह बजे, ढालीपुर और ढकरानी जल विद्युत गृह में रात आठ बजे उत्पादन शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि कुल्हाल जल विद्युत गृह में उत्पादन जारी है।