विरोध करने पर निदेशक ने जबरन त्यागपत्र लिखवाकर उसे नौकरी से निकाल दिया। निदेशक ने उसे एक माह का वेतन भी नहीं दिया। उसने बताया कि घटना के संबंध में पूर्व में कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
अब भी पुलिस उसकी शिकायत पर जांच की बात कह रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि पुलिस के स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने इस संबंध में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।