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I-कई बार आ चुके हैं पकड़ में, इसके बाद भी खुले में फेंका जा रहा है कूड़ाI
निगम के लिए निजी कूड़े के वाहन और रिक्शा आफत बने हुए हैं। यह विभिन्न सोसायटी, कॉलोनियों से कूड़ा एकत्रित करते हैं और इसके बाद जहां जगह मिले वहां डालकर चले जाते हैं। निगम कई बार इनका चालान भी कर चुका है। बावजूद इसके इन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
दरअसल, निगम ने 98 वार्ड में डोर-टु-डोर कूड़ा उठान का काम तीन कंपनियों वाटरग्रेस, ईकॉन और सनलाइट को सौंप रखा है। वाटरग्रेस के पास 47 वार्ड जबकि 26 वार्ड का जिम्मा ईकॉन और 25 का सनलाइट के पास है। लेकिन कूड़ा वाहन न तो समय से और न ही रोज लोगों के घरों में पहुंच रहे हैं।
इसलिए कई सोसायटी और कॉलोनियों ने अपने यहां निजी कूड़े वाहनों और रिक्शा को लगा रखा है। जो नियमित रूप से कूड़ा ले जाते हैं। चूंकि निजी कूड़े वाहनों को न तो निगम के डस्टबिन और न ही कारगी ट्रांसफर सेंटर में कूड़ा डालने की अनुमति है। इसलिए यह चोरी-छिपे जहां जगह मिले, वहां अपना कूड़ा डाल देते हैं।
Iकुछ सोसायटी, कॉलोनियां निगम के कूड़े वाहनों की बजाय निजी वाहनों में अपना कूड़ा देते हैं। जो निगम क्षेत्र में अपना कूड़ा डालकर चले जाते हैं। लोगों से अपील है कि वह कूड़ा केवल निगम के अनुबंधित वाहनों में ही डालें। -अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारीI