संतुलनपत्र जमा न करने वाली बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों पर शिकंजा कसने की तैयारियां है। प्रबंधन सचिव और संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिले की अधिकांश समितियों की ऋण वसूली की स्थिति बेहतर रही है।
सहकारिता विभाग के मुताबिक जिले में 39 सहकारी समितियों का संचालन हो रहा है। बीते दिनों सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में सीडीओ की ओर से संतुलनपत्र (आय-व्यय और ऋण वसूली का लेखा-जोखा) जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सिर्फ आठ समितियों की ओर से संतुलनपत्र जमा कराए गए हैं। सहकारी समितियों का वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल बकाया ऋण 134 करोड़ था। 31 मार्च तक 76.41 प्रतिशत वसूली करते हुए 81 करोड़ रुपये जमा किए गए। इसके बाद 30 जून तक समितियों की ओर से वसूली में तेजी दिखाते हुए 25 करोड़ रुपये और वसूले गए। इससे वसूली का प्रतिशत 80 प्रतिशत तक पहुंच गया। 106 करोड़ रुपये समितियों में जमा हो गए।
साथ ही जुलाई में भी कर्ज जमा करने का सिलसिला जारी है।इस बीच कई समितियों का कर्ज जमा कराने को लेकर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।एआर कोऑपरेटिव डॉ. बीएस मनराल ने बताया कि अभी तक 31 समितियों की ओर से संतुलन पत्र जमा नहीं कराए गए हैं। 31 जुलाई अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद समिति सचिव और संबंधित एडीओ के वेतन रोकने की कार्रवाई होगी।