उप जिला अस्पताल में गर्भवतियों को कैल्शियम की टेबलेट नहीं मिल पा रही है। कैल्शियम की मांग अधिक होने के कारण जन औषधि केंद्र में भी आए दिन टेबलेट समाप्त हो जाती है। गर्भवतियों को निजी मेडिकल स्टोर से टेबलेट खरीदनी पड़ रही है। जबकि, जननी योजना के तहत गर्भवतियों के लिए उपचार, जांच और दवाई जैसी सुविधा निशुल्क होती है। उप जिला अस्पताल में करीब दो माह से कैल्शियम की टेबलेट और सिरप की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे चलते मरीजों को बाहर से कैल्शियम की टेबलेट या सिरप खरीदना पड़ रहा था। अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ने से गर्भवती के साथ ही अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। गर्भावस्था के दौरान गर्भवतियों के लिए आयरन, फॉलिक एसिड और कैल्शियम बहुत जरूरी होता है। गर्भवतियों को पूर्व में आपूर्ति बंद होने के बाद मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र से कैल्शियम की टेबलेट मिल रही थी। लेकिन, फिर अचानक टेबलेट मिलना बंद हो गई। अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि राज्य से कैल्शियम की आपूर्ति बंद है। गर्भवतियों को कैल्शियम की टेबलेट उपलब्ध करवाने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।