दून से सप्लाई होने वाली नकली दवाओं को जब्त करने के लिए पुलिस टीम विभिन्न राज्यों में भेजी गई है। आरोपियों ने दून से दो साल के भीतर करीब सात करोड़ रुपये की दवा सप्लाई की है। इस बीच पुलिस को दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के करीब 44 स्थानों का पता चला है, जहां इनकी सप्लाई होती थी। इनमें से हाल ही में दिल्ली के एक कारोबारी को 90 लाख रुपये की दवाएं भेजी गई थीं।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को रायपुर पुलिस ने क्षेत्र में एक प्रतिष्ठान पर छापा मारा था। यहां से बड़ी मात्रा में एक नामी कंपनी के नाम से बनी दवाएं बरामद हुईं। इसके बाद हरिद्वार के मंगलौर में नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी। इसमें ये दवाएं तैयार हुई थीं। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक आरोपी सचिन शर्मा को गिरफ्तार किया और इसकी निशानदेही पर करीब 29 लाख कैप्सूल और कच्चा माल बरामद किया। इसकी कीमत ही करीब चार करोड़ रुपये बताई गई थी। इनके कारोबार का पता लगाने के लिए पुलिस ने तमाम एजेंसी को पत्र लिखे थे। इनमें जीएसटी, ड्रग कंट्रोलर आदि की ओर से जवाब आए हैं।
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इनमें पता चला है कि आरोपियों ने दो साल के भीतर करीब सात करोड़ रुपये की दवाओं की सप्लाई की है। सितंबर में दिल्ली के एक कारोबारी को 90 लाख रुपये की दवाएं भेजी गई हैं। इसके अलावा पता चला है कि पहाड़ के कुछ क्षेत्रों में भी दवाएं भेजी जा रही थीं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दवाओं को जब्त करने के लिए एक टीम का गठन कर दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना की गई है।
राज्य के सभी पुलिस कप्तानों से समन्वय स्थापित किया गया है। ताकि, वहां भी इस तरह की दवाओं की चेकिंग की जा सके। ड्रग कंट्रोलर की ओर से भी दवा विक्रेताओं की सूची उपलब्ध कराई गई है। एसएसपी के अनुसार इस मामले में जल्द कुछ बड़ा खुलासा भी हो सकता है।