उत्तराखंड पुलिस के लूटकांड में जेल में बंद दरोगा दिनेश नेगी समेत तीन पुलिसकर्मियों की दो दिन की पुलिस रिमांड स्वीकृत हो गई है। एसटीएफ बृहस्पतिवार सुबह तीनों आरोपियों को जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
एसटीएफ इस अवधि में लूटे गए बैग की बरामदगी के अलावा अन्य साक्ष्यों के संकलन का प्रयास करेगी। घटना के बीस दिन बाद भी बैग की बरामदगी तो दूर अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि बैग में कितनी राशि थी।
पुलिस महानिरीक्षक की कार सवार में पुलिसकर्मियों ने चार अप्रैल की रात प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार से नोटों से भरा बैग लूट लिया था। इस मामले में एसटीएफ के सामने साक्ष्य जुटाने की चुनौती है।
दो दिन की पूछताछ में एसटीएफ कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा के अलावा निलंबित दरोगा दिनेश नेगी, कांस्टेबल हिमांशु और मनोज अधिकारी का मुंह नहीं खुलवा पाई थी। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डिटेल और परिस्थितिजनक साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को बिना बरामदगी के लूट की धारा में जेल भेज दिया गया था। कई दिन की माथापच्ची के बाद एसटीएफ ने मंगलवार को कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोपी तीनाें पुलिसकर्मियों की तीन दिन की रिमांड मांगी थी।
एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में बुधवार को प्रार्थनापत्र पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रिमांड का विरोध किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से जयपाल बिष्ट का कहना था कि अपराध से जुड़े साक्ष्याें के संकलन के लिए रिमांड जरूरी है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों पुलिसकर्मियाें का दो दिन का रिमांड स्वीकृत कर दिया।