पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि आरोपित वे तीनों तीन माह से रुद्रपुर एस्कॉर्ट सर्विस के नाम से देह व्यापार का धंधा चला रही थी। ग्राहकों को तीनों व्हाट्सएप ग्रुप पर नाबालिगों के फोटो भेजती थी और सौदा तय होने पर ग्राहक दोनों सहेलियों के कमरे पर पहुंचते थे। ग्राहक के हिसाब से नाबालिगों की कीमत लगाई जाती थी। कई बार इन लोगों द्वारा नाबालिगों को रामनगर, नैनीताल व अन्य शहरों के होटलों में भी भेजा गया था।
दीप्ति ने सबसे पहले किया कारोबार शुरू
महिला की सहेली ने सबसे पहले देह व्यापार का धंधा शुरू किया था। इसके बाद उसने दूसरी सहेली को अपने धंधे में शामिल किया और फिर सिपाही की पत्नी को भी दोनों ने अपने साथ शामिल कर लिया। उसके धंधे में शामिल होने के बाद तीनों ने उसके पति के नाम से नाबालिगों को डरा-धमकर भी गलत काम करवाना शुरू कर दिया। फोन पर भी कई ग्राहकों से उक्त लोग नाबालिगों के लिए संपर्क करते थे जिसके चलते पुलिस तीनों के मोबाइल की भी जांच कर रही है।
नाबालिग का अपहरण करने के आरोप में एक पुलिस कर्मी की पत्नी को गिरफ्तार किया था। देह व्यापार की आशंका होने पर नाबालिगों के कोर्ट में धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। इसमें तीनों महिलाओं द्वारा नाबालिगों से अनैतिक देह व्यापार कराये जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस कर्मी के इसमें शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। आगे भी जांच की जा रही है।
- बरिंदरजीत सिंह, एसएसपी