अभी और भी पीड़ितों के आने की संभावना
एमबीबीएस कराने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने वाले इंस्टीट्यूट के संचालकों के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। महाराष्ट्र के एक व्यक्ति की शिकायत पर तीन कंसलटेंट और एक महिला को मुकदमे में नामजद किया गया है। पीड़ित से 21 लाख रुपये ठगे गए हैं। इस मामले में अभी और भी शिकायतें आने की संभावना है। इंस्टीट्यूट के कर्मचारी भी तनख्वाह न देने की शिकायत पुलिस से कर चुके हैं।
एसएचओ पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि मुकदमा पंजाब सिंह धरमसिंह बावरी निवासी वर्धा महाराष्ट्र की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बेटे जगदीप सिंह बावरी का एमबीबीएस में एडमिशन होना था। इसके लिए उन्होंने देहरादून के जीएमएस रोड स्थित एक्सलेट एजुकेशन के कंस्लटेंट विनायक, मानव और अमित कुमार से संपर्क किया। इसके बाद यहां की सहायक डॉक्टर समीक्षा से बात हुई। इन लोगों ने बताया था कि वे सरकारी कॉलेज में उन सीटों पर एडमिशन दिलाते हैं जो दाखिला न लेने वाले छात्रों के कारण खाली हो जाती हैं।
इसके लिए उन्होंने इन लोगों के खाते में अक्तूबर के शुरूआत से पैसे जमा करने शुरू किए। 13 अक्तूबर तक कुल 22 लाख रुपये इन खातों में जमा कर दिए गए थे। कुछ रकम आरोपियों को नकद भी दी गई। इसके बाद जब इनसे संपर्क करने की कोशिश हुई तो मोबाइल नंबर ही बंद हो गए। एसएचओ ने बताया कि इस शिकायत पर विनायक, अमित, समीक्षा और मानव के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई और छात्र शिकायत लेकर पहुंच सकते हैं। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।