पिछले कई दिनों से आईएसबीटी पुलिस चौकी की कस्टडी से प्राइवेट बस चोरी का मामला जब विधानसभा में गूंजा तो पुलिस सुपरकॉप बन गई। एक बस को ढूढ़ने निकली पुलिस ने बिजनौर जिले के नूरपुर से एक के बदले चोरी की तीन बसें बरामद की है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया,जबकि दो की तलाश में दबिश चल रही है।
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विधानसभा में यह मामला गूंजने के कारण पुलिस और सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। पुलिस की इस कामयाबी के बाद गृह मंत्री सदन में सोमवार को जवाब देने की स्थिति में आ गए हैं।
पटेलनगर की आईएसबीटी चौकी के पास 15 फरवरी को डाक पत्थर की महिला जगरोशनी देवी की हादसे में मौत के बाद पुलिस ने प्राइवेट बस को कब्जे में लिया था। चौकी पर जगह न होने के कारण बस को आईएसबीटी के पास सड़क पर खड़ा कर दिया गया था। 17 फरवरी को यह बस चोरी कर ली गई थी।
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कोर्ट से रिलीज ऑर्डर लेकर पहुंचा मालिक, तब चला था पता
बरामद बस
- फोटो : amarujala
चोरी का खुलासा तब हुआ था, जब बस मालिक सोहन कोर्ट से रिलीज आर्डर लेकर बस लेने गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। पहले तो पुलिस ने बस चोरी को हल्केपन से लिया था।
मामला उछला तो चौकी प्रभारी मनमोहन सिंह नेगी को हटाकर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए। इसी बीच शुक्रवार को विपक्ष ने कस्टडी से चोरी हुई बस बरामद न होने पर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया था। इसके बाद बस बरामदगी के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा सदानंद दाते ने बताया कि कैमरे की फुटेज से यह बात साबित हो गई थी चोरी हुई बस का रंग बदलकर बिजनौर जिले में ले जाया गया है। जांच पड़ताल में पता चला कि बस को नूरपुर में खड़ा किया गया है। दबिश देकर अनिल कुमार वर्मा निवासी शहीद नगर थाना नूरपुर जिला बिजनौर को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी बस को बरामद कर लिया। बस मालिक सोहन सिंह ने खुद बस की पहचान की। इसके अलावा चोरी की दो अन्य बसें बरामद भी हुई। आरोपी उनके बारे में सही जानकारी नहीं दे सक।
आरोपी वर्मा के हवाले से पुलिस ने बताया कि शिवम वर्मा और संदीप कुमार वर्मा निवासी शहीद नगर ने इन बसों को चुराया है। बस चोरी करने के बाद रंग-पेंट कर उनका हुलिया बदल देते थे। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि फरार दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश चल रही है।
यह नंबर लगी बस हुई बरामद
.बस नंबर. यू पी 14 सीटी, 4999
.बस नंबर.यू पी 20 टी, 4869
.बस नंबर .यू पी 14 आर्र, 7302
अपराध का तरीका
अनिल और उसके साथी एकांत स्थान पर खड़े वाहनों को चोरी करने के बाद उसका रंग और हुलिया बदल देते थे। इंजन और चेचिस नंबर घिसकर अन्य वाहनों की रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाकर अन्य स्थानों पर बेच देते थे।
पुलिस टीम पुरस्कृत
एसएसपी ने सहायक पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी पटेलनगर इंस्पेक्टर बीडी उनियाल, एसएसआई संजय कुमार, उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी, शमशेर अली, कांस्टेबल सुंदर सिंह, नरेंद्र कुमार, सुशील कुमार, राजेश, हितेश कुमार, महेश उनियाल्र, चमन कुमार, एसओजी प्रभारी अशोक राठौर, हैड कांस्टेबल सुशील कुमार, संदीप, संतोष, अरुण, प्रमोद, गंभीर, विपिन, ललित, अमित, राजीव, आशीष, लोकेन्द्र, अजय, महिला कांस्टेबल मोनिका को पुरस्कृत करने की घोषणा की।