दून पुलिस के हत्थे चढ़ा चोरों का यह गैंग नया है, लेकिन बेहद शातिर है। इस गैंग को मकान का ताला तोड़ने से लेकर चोरी करने के बाद घर से निकलकर भागने में महज 10 मिनट का समय लगता था। इसकी तस्दीक लगभग सभी जगह सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कर रही हैं। इसी तेजी के कारण यह गैंग रेकी के बजाय ताला लगे घरों को निशाना बनाते थे।
गैंग का सरगना सीआरपीएफ का सिपाही सुनील ही बताया जा रहा है। सुनील बेहद शातिर है। थानाध्यक्ष क्लेमेंटटाउन योगेंद्र गुसांई ने बताया कि सुनील जब छुट्टी आता था तभी वह चोरी को अंजाम देता था।
मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला सुनील उत्तराखंड के रुड़की, देहरादून और हरिद्वार आदि शहरों में अपने गैंग के साथ सक्रिय रहता है। थानाध्यक्ष के अनुसार सुभाषनगर में राजेंद्र सिंह के घर पर यह गैंग दोपहर 2:02 बजे घुसा था।
इसके ठीक 10 मिनट बाद 2:12 बजे तीनों लोग मकान से बाहर जाते दिख रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें चोरी में ज्यादा वक्त नहीं लगता था इसी कारण वे कहीं रेकी भी नहीं करते थे। कॉलोनियों में आम नागरिक की भांति आते थे और ताला लगे घरों में चोरी करने के बाद निकल जाते थे।