विकासनगर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने अंकित नायर की याचिका खारिज कर दी। उन्होंंने पिता-पुत्र पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने सुरेश पाल सिंह और उसके बेटे नीरज पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा दोनों ने उन्हें एलआईसी और राजस्थान हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। दोनों ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच उनसे सात लाख रुपये लिए थे। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी नौकरी के लिए पैसे देना न्यायोचित नहीं है। शिकायतकर्ता ने कहा 2022 में ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया था। न्यायालय याचिका को निरस्त कर दिया।