केदारनाथ धाम में गुजरात के श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें केदारनाथ स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। परिजनों ने प्रशासन से शव को हेलिकॉप्टर से जिला अस्पताल भेजने की मांग की। मगर शव ले जाने में देरी होने पर परिवारजनों ने जिला प्रशासन पर उन्हें नजर अंदाज करने के आरोप लगाए थे।
केदारनाथ धाम में हुई एक श्रद्धालु की मृत्यु के मामले में वायरल हुए वीडियो पर जिला प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। प्रशासन ने कहा कि अपनी ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था।
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बुधवार सुबह केदारनाथ धाम में गुजरात के 69 वर्षीय श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें केदारनाथ स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। परिजनों ने प्रशासन से शव को हेलिकॉप्टर से जिला अस्पताल भेजने की मांग की। मगर शव ले जाने में देरी होने पर परिवारजनों ने जिला प्रशासन पर उन्हें नजर अंदाज करने के आरोप लगाए। इस पर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है।
एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत ने कहा कि 22 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि केदारनाथ में व्हाइट हाउस के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही वाईएमएफ की टीम ने तुरंत उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शव को हेलिपैड तक पहुंचाया। उस समय हेलिकॉप्टर सेवा बाधित थी लेकिन जैसे ही सेवा शुरू हुई शव को जामू हेलिपैड भेजा गया और वहां से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग लाया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया गया।