इन दिनों सचिवालय में अधिकारियों के कामकाज में फेरबदल जारी है। जिस अधिकारी के टेबल पर देंखे फाइलों का अंबार लगा है।
निस्तारण हमें नहीं उन्हें करना है
पूछो तो यही जवाब अब इसका निस्तारण हमें नहीं उन्हें करना है। एक आलाधिकारी तो इसी बात से हैरान हैं कि उन्हें तो अब याद भी नहीं रहता कि यह विभाग उनके हाथ से चला गया है। फाइलें अभी भी उनके पास पहुंच रही हैं जिन्हें लौटाना भी एक काम हो गया है।
नई फाइलें इसलिए नहीं छू रहे कि पता नहीं शाम को विभाग बदल जाए और उनकी मेहनत बेकार जाए।