लैंसडौन। क्षेत्र के सिसल्डी गांव को राजस्व पुलिस से पृथक कर रिखणीखाल सिविल पुलिस से संबद्ध करने पर ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए बुधवार को एसडीएम लैंसडौन और सीओ कोटद्वार ने गांव सिसल्डी पहुंचकर मामले में लोगों से बात की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समस्या आड़े नहीं आने देने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।बुधवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल एवं एसडीएम लैंसडौन शालिनी मौर्य सिसल्डी गांव पहुंचे। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों से बातचीत की। पूर्व प्रधान एवं समाजसेवी हरीश खंतवाल और क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सिसल्डी गांव की पुलिस व्यवस्था कुछ समय पूर्व राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को तो सौंपी गई, लेकिन इसे लैंसडौन थाने से संबद्ध न कर रिखणीखाल रेगुलर पुलिस में मर्ज कर दिया गया। इसे अव्यावहारिक कदम बताते हुए ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि लैंसडौन से सिसल्डी की दूरी 15 किमी है जबकि रिखणीखाल की दूरी 35 किमी पड़ रही है। अब लोगों को पुलिस कार्यों के लिए बहुत अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने सिसल्डी गांव की पुलिस व्यवस्था रिखणीखाल थाने के स्थान पर लैंसडौन थाने में मर्ज करने की मांग की। हरीश खंतवाल का कहना है कि दोनों अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई के प्रति आश्वस्त किया है।