चकराता क्षेत्र में द्वार और बिशलाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया। छह मतदान स्थलों पर सुबह 7.00 बजे से लेकर शाम 5.00 बजे तक सन्नाटा पसरा रहा। तहसीलदार और एडीओ पंचायत ग्रामीणों को मनाने के लिए गांव में पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं मिले। मतदान स्थल मिंडाल में दो मतदानकर्मियों ने मतदान किया।
दांवा पुल-खारसी मोटर मार्ग का मरम्मत न होने से 12 गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। इनमें मिंडाल, खनाड़, कुराड़, सिचाड़, मंझगांव, समोग, थणता, जोगियो, बनियाना, सेंजाड़, सनौऊ, टावरा गांव शामिल हैं। सभी छह गांवों में 3007 मतदाता हैं। बीती 27 मार्च को विभागीय टीम भी ग्रामीणों को मनाने में असफल रही।
बृहस्पतिवार को मिंडाल, खनाड़, थणता, बनियाना, जोगियो, मंझगांव में मतदान प्रकिया संपन्न करवाने के लिए टीम पहुंची गई थी। शुक्रवार सुबह 7.00 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन मतदान स्थल से दूर-दूर तक एक भी मतदाता नजर नहीं आया।
टीम ने कंट्रोल रूम पर मतदान न होने की सूचना दी। करीब 2.30 बजे तहसीलदार मनोहर लाल अंजुवाल, कानूनगो सरदार सिंह, एसडीओ पंचायत सुनील उनियाल और राजस्व उपनिरीक्षक अखिलेश मिंडाल गांव पहुंचे। यहां टीम को पता चला कि अधिकांश ग्रामीण खेतों में काम के लिए निकल गए हैं। उसके बाद टीम बैरंग वापस आ गई। मिंडाल मतदान स्थल पर दो मतदानकर्मियों ने मतदान किया। शाम को पोलिंग टीम भी बिना मतदान करवाए वापस लौट गई।
मतदान स्थल - मतदाता संख्या
- मिंडाल - 329
- खनाड़ - 572
- थणता - 314
- बनियाना - 398
- जोगियो - 715
- मंझगांव - 679
क्या है मामला
दांवा पुल-खारसी मोटर मार्ग का निर्माण करीब 32 वर्ष पहले हुआ था। चकराता तहसील क्षेत्र की द्वार और बिशलाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीण लंबे समय से मोटर मार्ग के मरम्मत की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण दो बार लोक निर्माण विभाग खंड साहिया के कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इस बार मरम्मत का कार्य शुरू न होने पर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
चकराता के मिंडाल, खनाड़, थणता, बनियाना, जोगियो, मंझगांव मतदान केंद्र पर मतदान नहीं हुआ। सीडीओ और मेरे स्तर पर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। बृहस्पतिवार रात तक ग्रामीणों से मेरी बात होती रही। शुक्रवार को टीम को गांवों में भी भेजा गया, लेकिन ग्रामीण मतदान के लिए नहीं माने। - योगेश मेहरा, एसडीएम, चकराता