बिना कागजात के संरक्षित पशु को ले जाने पर लोग भड़क गए। उन्होंने वाहन को घेर लिया। चालक मौके से फरार हो गया। लोगों के उग्र होने पर पुलिस ने लाठियां भांज कर भीड़ को खदेड़ा। मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली का घेराव किया। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
शाम करीब सात बजे लोगों को बाबूगढ़ चुंगी पर एक संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया। वाहन में तीन संरक्षित पशु को ठूंस कर रखा गया था। वाहन में चालक समेत दो लोग सवार थे। लोगों ने चालक से पशु के परिवहन से संबंधित कागजात मांगे। चालक कागजात नहीं दिखा सका। जिस पर लोग उग्र हो गए। लोगों ने वाहन को घेर लिया। चालक मौके से फरार हो गया। वाहन में सवार दूसरे व्यक्ति को लोग घेरे रहे।
सूचना पर चीता पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इस बीच लोग और उग्र हो गए। पुलिस कर्मी लोगों को समझाने लगे। भीड़ में शामिल कुछ लोग पुलिसकर्मियाें के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इस बीच थाने से भी पुलिस बल वहां पहुंच गया। पुलिस कर्मियों ने लाठियां भांज कर भीड़ को खदेड़ दिया।
पुलिस वाहन को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई। बजरंग दल और वैदिक मिशन के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंच कर घेराव किया। वैदिक मिशन के संस्थापक जगवीर सैनी ने कहा कि मामले की जांच की जानी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश साह ने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। वाहन में संरक्षित पशु को क्रूरतापूर्वक ठूंसा गया था। जिस पर पशुक्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।