ठंड में लापरवाही बच्चों की सेहत भर भारी पड़ रही है। उप जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में जुकाम के लक्षण वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। रोजाना 10 बच्चे जुकाम के साथ बुखार, गले में दर्द और भोजन निगलने की समस्या लेकर आ रहे हैं। जांच में ये बच्चे टॉन्सिलाइटिस से ग्रस्त पाए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने बच्चों को ठंडे पेय पदार्थ न पीने, हाथों को बार-बार धोने और मास्क पहनने की सलाह दी है।
उप जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि इन दिनों सामान्य जुकाम और वायरल फीवर के मामले सबसे अधिक आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से टॉन्सिलाइटिस के मामले बढ़े हैं। मरीजों में अधिकांश बच्चे हैं। ओपीडी में रोजाना करीब 10 बच्चे टॉन्सिलाइटिस से ग्रस्त मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि टॉन्सिल एक सुरक्षा तंत्र के तौर पर काम करते हैं। संक्रमण से बचाव करते हैं। टॉन्सिल जब संक्रमित हो जाते हैं तो रोग को टॉन्सिलाइटिस कहा जाता है।
डॉ. विजय ने बताया कि टॉन्सिलाइटिस किसी को भी हो सकता है। बच्चों में यह संक्रमण अधिक पाया जाता है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे को बुखार, जुकाम, गले में दर्द, भोजन निगलने में दिक्कत है तो उसको तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। संक्रमण गंभीर होने पर बीमार बच्चों को भर्ती करने और ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है। इन दिनों बच्चों को बिल्कुल भी ठंडे पेय पदार्थ न पीने दें।
Iलक्षण दिखे तो बच्चे को न भेजें स्कूलI
डॉ. विजय सिंह ने कहा कि अगर बच्चों में टॉन्सिलाइटिस के लक्षण है तो उनको स्कूल न भेजें। अगर बच्चे स्कूल जाएंगे ताे दूसरे बच्चों को भी संक्रमित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने की आदत डलवाएं। इससे बच्चे संक्रमण से काफी हद सुरिक्षत रहेंगे।