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Dehradun: हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए दून-हरिद्वार तक गश्त तेज, ठंड और कोहरे को देखते हुए अलर्ट

Mon, 12 Dec 2022 04:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो दशक के भीतर टाइगर रिजर्व के 35 से अधिक हाथी ट्रेनों की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कि हाथियों के उन झुंडों पर भी नजर रखी जा रही है जो अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक की ओर से रेल मंडल मुख्यालय को भी पत्र लिखा जा रहा है।
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हाथी - फोटो : PTI
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विस्तार
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ठंड और कोहरे के मौसम में राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन के अधिकारी, वनकर्मी सतर्क हो गए हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक डॉ.साकेत बड़ोला के निर्देश पर देहरादून-हरिद्वार तक टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ गश्त तेज कर दी गई है।

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टाइगर रिजर्व निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कि हाथियों के उन झुंडों पर भी नजर रखी जा रही है जो अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक की ओर से रेल मंडल मुख्यालय को भी पत्र लिखा जा रहा है। जिसमें टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ट्रेनों का संचालन 35 किलोमीटर प्रति घंटे से रफ्तार करने का अनुरोध किया जाएगा।

बता दें कि ठंड के मौसम में कोहरा और धुंध होने की वजह से देहरादून से हरिद्वार तक टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाली ट्रेनों के लोको पायलट टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों खासकर हाथियों को देख नहीं पाते और हाथियों के साथ हादसा हो जाता है।
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वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो दशक के भीतर टाइगर रिजर्व के 35 से अधिक हाथी ट्रेनों की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। यह स्थिति तब है जबकि टाइगर रिजर्व के हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाने को लेकर ना सिर्फ टाइगर रिजर्व प्रशासन वरन रेलवे प्रशासन की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठाए जाते हैं।

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