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Dehradun News: पोर्टल में बंद नहीं हुई मरीजों की फाइल, ऑफलाइन अनुमति लेकर बचाई जान

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IIनिजी अस्पताल में मरीजों ने करवाई थी आयुष्मान योजना में डायलिसिस, जिला अस्पताल पहुंचे तो नहीं खुली फाइल
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Iआयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में चल रहे इलाज की फाइल बंद नहीं होने से डायलिसिस के तीन मरीजों की जान पर बन आई। मरीज डायलिसिस करवाने जिला अस्पताल पहुंचे। भर्ती होने के बाद जब आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई तो पता चला कि पोर्टल पर उनकी फाइल निजी अस्पताल में बंद नहीं हुई है। ऐसे में उनकी डायलिसिस संभव नहीं है। लेकिन चिकित्सकों ने मरीजों की जान बचाने के लिए ऑफलाइन मोड पर अनुमति लेकर डायलिसिस की।
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Iकोरोनेशनल अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में तीन ऐसे मरीज पहुंचे जिनका आयुष्मान कार्ड से शहर के निजी अस्पताल में डायलिसिस हुआ था। मरीजों की नियमित डायलिसिस होती है। तीनों मरीज डायलिसिस करवाने जिला अस्पताल पहुंच गए। भर्ती करने के बाद आयुष्मान योजना में पंजीकरण के लिए पोर्टल चेक किया तो पता चला कि उनकी फाइल निजी अस्पताल में खुली है। पोर्टल की तकनीकी खामी के चलते निजी अस्पताल में हुए इलाज के बाद उनकी फाइल बंद नहीं की गई। ऐसे में मरीजों की डायलिसिस में समस्या खड़ी हो गई। डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाने के लिए ऑफलाइन मोड पर डायलिसिस करने की अनुमति ली। इसके बाद तीनों मरीजों की डायलिसिस की गई।
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Iआयुष्मान योजना से इलाज करवाने वाले मरीज को 24 घंटे तक भर्ती रहना पड़ता है। मरीज की जान बचाने के लिए डायलिसिस जरूरी होती है। निजी अस्पताल में मरीजों की फाइल खुली होने के कारण एसएचए से ई-मेल के माध्यम से डायलिसिस कराने की अनुमति मांगी गई। - डाॅ. वीएस चौहान, पीएमएस जिला अस्पतालI
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