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I- मरीजों और चिकित्सकों दोनों को मिलेगी सहूलियतI
उप जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब ओपीडी के बाहर लंबी कतार नहीं लगानी पड़ेगी। सभी प्रमुख ओपीडी कक्षों में एक और गेट बना दिया गया। इससे मरीज दोनों तरफ से भीतर दाखिल हो पाएंगे। बाहर की ओर बनाए गए गेट के पास मरीजों के बैठने की भी व्यवस्था की गई है।
उप जिला अस्पताल की दैनिक ओपीडी 600 है। यहां जौनसार बावर, पछवादून, सीमांत हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल भवन और परिसर में जगह बहुत सीमित है। इसके चलते ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की कतार लगी रहती थी। अमर उजाला लगातार मरीजों को हो रही परेशानी और अस्पताल के विस्तार के लिए जगह न होने की समस्या को खबरों के माध्यम से उठा रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय सिंह ने समस्या का संज्ञान लेते हुए मरीजों की सुविधा के लिए सराहनीय पहल की है। पहले अस्पताल भवन के भीतर ओपीडी कक्षों का एक ही प्रवेश द्वार था। अब सामान्य रोग, बाल रोग, दंत रोग और हड्डी एवं संधि रोग चिकित्सा की ओपीडी में अस्पताल भवन के बाहर से गेट बनाए गए हैं। सभी गेट पर केवल दरवाजे लगाने का काम बाकी है। बाहर की ओर भी मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गईं हैं।
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Iमरीजों की सुविधा के ओपीडी कक्षों में दो द्वार बनाए गए है। कक्षों के बाहर मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को सुविधा होगी।
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Iडॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI