दून अस्पताल में तैयार बर्न यूनिट
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
दीपावली में पटाखों से झुलसे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ सकता है। शहर के सरकारी अस्पतालों में बर्न यूनिट के नाम पर सिर्फ कोरोनेशन अस्पताल में 10 बेड की बर्न यूनिट ही है। यहां बर्न आईसीयू नहीं है। वहीं, दून अस्पताल में बर्न आईसीयू बनकर तैयार है, लेकिन इसे शुरू नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उपकरण लगने और स्टाफ की तैनाती में देरी हो रही है।
पिछले दिनों एक 13 वर्षीय किशोर करंट से झुलस गया था। किशोर को इलाज के लिए परिजनों ने शहर के कई अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन इलाज नहीं मिल सका। कई निजी अस्पतालों के साथ ही कोरोनेशन अस्पताल से भी किशोर को वापस कर दिया गया। इसके बाद किशोर को लेकर परिजन ऋषिकेश एम्स गए और वहां पर किशोर को भर्ती करवाया गया। दीपावली पर जलने या झुलसने की कोई बड़ी घटना होती है तो दून में इलाज संभव नहीं होगा। हालांकि, कोरोनेशन अस्पताल में हल्के झुलसे मरीजों का इलाज तो हो जाता है, लेकिन अधिक झुलसे मरीजों को यहां से रेफर करना होता है।
Dehradun: प्रदेश का अगले डीजीपी चुनने के लिए प्रक्रिया शुरू, सेठ, प्रसाद और अभिनव कुमार का नाम पैनल में भेजा
कोरोनेशन अस्पताल की पीएमएस डॉ. शिखा जंगपांगी ने बताया कि किशोर का शरीर 90 फीसदी तक झुलस गया था, इसलिए यहां पर इलाज संभव नहीं हो सका। अस्पताल से एक सर्जन का ट्रांसफर हो गया है, लेकिन चार सर्जन उपलब्ध हैं।
बर्न आईसीयू शुरू करने को तैयारियां जारी
दून अस्पताल में ओटी, इमरजेंसी बिल्डिंग में आठ बेड का बर्न आईसीयू बनाया गया है। इसमें झुलसे हुए मरीजों का इलाज किया जाएगा। हालांकि, यह बर्न आईसीयू कब शुरू होगा यह तय नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बर्न आईसीयू शुरू करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। उपकरण मंगाए गए हैं और स्टाफ की तैनाती भी की जा रही है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बर्न आईसीयू शुरू करने के लिए निर्देश भी दे दिए हैं।