खतौली पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी रोजी उर्फ सुरेंद्र उपाध्याय को कोर्ट से छह घंटे के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पुलिस ने रोजी की निशानदेही पर मीरापुर बस अड्डे के पास एक खेत में दबा हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस बरामद कर लिए। इंस्पेक्टर संतोष कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी रोजी ने पूछताछ में बताया कि उनके पंकज सिंह पर प्रॉपर्टी को लेकर कई लाख रुपये थे।
वह रुपये नहीं लौटा रहा था। इसलिए उन्होंने पंकज की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि पहले पंकज को शराब पिलाई और उसको कार में लेकर खतौली आए। सात फरवरी की रात को खतौली क्षेत्र के गांव खेड़ी कुरैशी के जंगल में ले जाकर कार में अगली सीट पर बैठे पंकज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इंस्पेक्टर त्यागी ने बताया कि रिमांड पर लाए गए आरोपी रोजी ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की उसने और रामबीर ने ही तमंचों से चार गोलियां मारकर हत्या की थी। रामबीर ने कार में अपना तमंचा छोड़ दिया था। रामबीर का तमंचा आठ फरवरी को ही पुलिस ने कार से बरामद किया था।
देहरादून के टिहरी जेल में बंद बदमाश जितेंद्र रावत ने प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की हत्या कराने की योजना तैयार की थी। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र रावत का भी पंकज सिंह पर प्रॉपर्टी के पैसों के लेन देन को लेकर विवाद हुआ था। पंकज सिंह जेल से बाहर निकलते ही जितेंद्र रावत की हत्या कराने की फिराक में लगा हुआ था। अगर जितेंद्र रावत हत्या नहीं कराता तो जेल से बाहर निकलते ही पंकज सिंह उसकी हत्या करवा देता।
पुलिस के मुताबिक प्रॉपर्टी डीलर पंकज सिंह की हत्या करके आरोपियों की शव को गंगनहर में फेंककर ठिकाने लगाने की थी। आरोपी शव को डिग्गी में बंद करके चले तो अचानक कार के पिछले टायर में पंक्चर हो गया था। इसलिए आरोपी कार को जानसठ अड्डे से पास बने पुलिस सहायता केंद्र के निकट छोड़कर फरार हो गए थे।