पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जिसमें राजेश भारद्वाज पर हत्या कराने का शक जाहिर किया गया। पुलिस ने जांच की तो अनिल पोद्दा और मधुकर के नाम शूटर के रूप में सामने आए। जांच के बाद आरोपित अनिल पोद्दा उर्फ चोला पुत्र रूपराम निवासी आवास विकास कॉलोनी रानीपुर मोड़ को गिरफ्तार किया था।
उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया और मामले में सह आरोपी बिट्टू उर्फ मधुकर पुत्र मदनपाल निवासी वाल्मीकि बस्ती थाना कनखल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में पता चला कि राजेश भारद्वाज पुत्र महेश भारद्वाज निवासी निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार के साथ ही कनखल के तत्कालीन थानाध्यक्ष एमआर दुग्ताल, तत्कालीन उपनिरीक्षक नरेश चंद जौहरी और तत्कालीन हेड मुहर्रिर राजेंद्र रयाल षडयंत्र रचने में शामिल थे।
पुलिस ने इनके खिलाफ हत्या का षडयंत्र रचने के संबंध में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। मामले से संबंधित मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपितों को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।