कोठा गांव में मंडावणा पर्व के दौरान आयोजित हवन में आहूति डालते लोग।
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कालसी प्रखंड के कोठा गांव में रविवार को करीब 20 साल बाद मंडावणा पर्व का आयोजन किया गया। लोगों ने थाती माटी का पूजन कर सुख और समृद्धि की कामना की। इस दौरान गांव की भूमि पर अवतरित हुए पांडवों ने घर-घर जाकर लोगों से भिक्षा मांगी। लोगों ने भी पांडवों को भरपूर अनाज और फल वितरित किए। रात के समय पांडवों ने पंचायती आंगन में नृत्य कर लोगों को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद दिया। पं. सहीराम ने बताया कि गांव की सुख और समृद्धि के लिए देेव आदेश पर समय-समय पर गांव में थाती-माटी का पूजन किया जाता है। इस दौरान गांव में पांडवों को बुलाया जाता है। बताया कि मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडव इस क्षेत्र में रहे थे। तब स्थानीय ग्रामीणों से भिक्षा मांगकर, उनके खेतों में हल लगाकर पांडवों ने जीविका प्राप्त की। उनकी याद में इस पर्व के दौरान गांव के सार्वजनिक स्थान पर थाटी(जिसे पांडवों की जगह माना जाता है) में अखंड जोत जलाई जाती है। लोग व्रत रखकर पांडवों की पूजा करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। रविवार को भी प्रत्येक परिवार के सदस्यों ने व्रत रखकर सबसे पहले हवन आहुत किया। जिसके बाद कन्याओं को भोग लगाकर व्रत खोला गया। लोगों ने पांडवों के दर्शन कर सुख और समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर स्याणा चतर सिंह, मोहर सिंह, कल सिंह, नरेश, नारायण सिंह, रतन सिंह, टीकम सिंह, सरदार सिंह, धर्म सिंह, गुलाब सिंह, विरेंद्र सिंह, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे।