पांडुकेश्वर से भगवान उद्वव, कुबेर, शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई है। कल 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। जय बदरीविशाल के उद्घोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गरुड़ की डोली व गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा विधि विधान के साथ नृसिंह मंदिर से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
बदरीनाथ पहुंची गरुड़ की डोली
नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली भगवान बदरीनाथ के खजाने के साथ बदरीनाथ पहुंचती थी। मगर पिछले साल से यात्रा शुरू होने के दौरान नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली को भव्य तरीके से रैंकवाल पंचायत की ओर से बदरीनाथ धाम पहुंचाया जा रहा है।
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