सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने वाले नशा तस्करों, गैंगेस्टरों और शातिर अपराधियों के खिलाफ शनिवार को पुलिस-प्रशासन का बुलडोजर जमकर गरजा। झमाझम बारिश के बीच खुशहालपुर और जस्सोवाला में 19 अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई की जद में आए 19 लोगों में से 10 ऐसे शातिर हैं, जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी, गोवंश संरक्षण अधिनियम, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित गुंडा व गैंगस्टर एक्ट की गंभीर प्राथमिकी दर्ज हैं। वहीं, राजस्व प्रशासन ने छह ऐसे सरकारी भूमि के अतिक्रमण ध्वस्त किए, जिन पर सालों से लोग कब्जा जमाए थे। शनिवार सुबह पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंची। सबसे पहले चिह्नित अतिक्रमणों को खाली कराया गया और उसके बाद सरकारी जमीन पर बने कच्चे-पक्के निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया गया। इस दौरान कुछ कब्जाधारियों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन पीएसी और कई थानों की फोर्स के आगे उनका विरोध ज्यादा देर नहीं टिक सका। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए सहसपुर, कालसी, विकासनगर कोतवाली और सेलाकुई थाने की फोर्स के साथ-साथ पीएसी की एक महिला और एक पुरुष प्लाटून भी तैनात रही। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार विवेक राजौरी, सीओ अनुज कुमार और कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे।इन शातिर अपराधियों के ढहाए गए अतिक्रमण : खुशहालपुर में आमिर, मेहराज, सलमान, दिलशाद उर्फ मिर्ची, मोहसीन, फैजान और कौसर के अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। ये सभी मादक पदार्थों की तस्करी, गोतस्करी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इनमें से कुछ का पिछले एक दशक से आपराधिक इतिहास रहा है। वहीं, जस्सोवाला क्षेत्र में बिरजू (एनडीपीएस एक्ट का एक केस), सूरज (एनडीपीएस एक्ट के दो केस) और सोहिन (चोरी का एक केस) के अवैध कब्जों पर कार्रवाई की गई।