मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने त्यूणी क्षेत्र के पांच दावेदारों के बालिग होने पर उनकी सावधि जमा (एफडीआर) की रकम ब्याज समेत जारी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने माना कि सभी दावेदार अब वयस्क हो चुके हैं और उन्हें अपनी आगे की पढ़ाई के लिए इस धनराशि की सख्त आवश्यकता है। अधिवक्ता सुनील दत्त शर्मा की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर एफडीआर का पैसा जारी करने की मांग की गई थी। प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2018 में त्यूणी के ओबरासेर निवासी निशा, रानी, रविंद्र, काजल और पीयूष उर्फ पुष्कर राणा के पक्ष में कुल 8.42 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ थी। उस समय सभी के नाबालिग होने के कारण प्रत्येक दावेदार के नाम से एक-एक लाख रुपये की एफडीआर अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की विकासनगर शाखा में सुरक्षित जमा कराने के आदेश दिए गए थे। न्यायालय ने अधिवक्ता की अपील पर सुनवाई करते हुए सभी दावेदारों के आधार कार्ड और हाईस्कूल की अंकतालिकाओं में दर्ज जन्मतिथि का बारीकी से अवलोकन किया। इन शैक्षिक व पहचान दस्तावेजों से सभी के बालिग होने की कानूनी पुष्टि हो गई। इसके बाद अदालत ने बैंक प्रबंधन को एफडीआर की मूल धनराशि और उस पर देय ब्याज समेत पूरी रकम दावेदारों के पक्ष में जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। संवाद