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Dehradun News: 25 साल पहले जमा पांच पत्रावलियों में से सिर्फ प्रेमलाल की ही गायब

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रिकॉर्ड रूम से गायब हुईं प्रेमलाल से संबंधित पत्रावलियां बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही हैं। 25 साल पहले एक ही साथ पांच पत्रावलियां जमा कराई गई थीं। लेकिन, इनमें से सिर्फ प्रेमलाल से संबंधित पत्रावलियां ही गायब हैं। बाकी चार जस की तस रिकॉर्ड रूम में मिलीं। ऐसे में यदि मामले की गंभीरता से जांच हुई तो कई जिम्मेदारों पर शिकंजा कस सकता है।
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सीलिंग के मुकदमों से संबंधित फाइलों को निपटारे के बाद रिकॉर्ड रूम में जमा कर दिया जाता है। 28 अप्रैल 1998 को तत्कालीन अरेंजर सुरेंद्र कुमार यादव ने पांच पत्रावलियां जमा की थीं। इनमें कृपाल सिंह, पासो राम, रामकिशोर, प्रेमलाल और एक अन्य की पत्रावलियां शामिल थीं। सभी पत्रावलियां अलग-अलग मामलों की थीं। इनमें प्रेमलाल की जमीन से संबंधित पत्रावली सीलिंग के मुकदमे की थी। इस बीच जब डीएम ने प्रेमलाल से संबंधित पत्रावली मंगाई तो वहां पर चार तो रखी हुई थीं। केवल प्रेमलाल की फाइल ही गायब थी।



सूत्रों के अनुसार, सुरेंद्र कुमार यादव अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में 25 साल के भीतर वहां पर कई अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे हैं। इस मामले में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि जांच गंभीरता से हुई तो कई बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। मामला 60 बीघा जमीन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन पर कई माफिया की नजर है। इससे संबंधित दस्तावेज में पहले ही छेड़छाड़ की जा चुकी है।
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एक प्राइवेट कर्मचारी पर पहले भी उठे सवाल

इस रिकॉर्ड रूम में वर्ष 2016 में दस्तावेज ऑनलाइन करने का काम शुरू हुआ था। यह काम एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया था। कंपनी में 40 कर्मचारी काम कर रहे थे। काम वर्ष 2019 में पूरा भी हो गया। लेकिन, एक कर्मचारी वहां अब भी काम कर रहा था। दीपक नाम के इस कर्मचारी की मई में शिकायत भी हुई थी। इसकी जांच के लिए जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन को लिखा था। लेकिन, अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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