संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। जीवनगढ़ स्थित संत निरंकारी में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में आसपास क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। महात्मा सुनील ने कहा कि सिमरन करने से ही यह मन परमात्मा से जुड़ जाता है। अन्यथा मनुष्य माया रूपी बंधनों में ही फंसा रहता है और परमात्मा को भूल जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को निरंतर परमात्मा का सिमरन करते रहना चाहिए। सिमरन से ही मनुष्य बंधनों से मुक्त होकर भक्ति को प्राप्त कर सकता है। कहा की परमात्मा तीन काल सत्य है और यह संसार मिथ्या है। लेकिन हम संसार को ही सत्य मान बैठे हैं। सिमरन करने से ही यह संसार मिथ्या और परमात्मा सत्य नजर आने लगता है। इंसान इस मिथ्या संसार में ही से ही प्रेम करता है और परमात्मा से व्यवहार करता है।