- कर्मचारियों की संख्या भी इंदौर की तुलना में आधे से कम
नगर निगम भले ही स्वच्छता में सर्वोच्च स्थान के लिए प्रयासरत है, लेकिन कर्मचारियों की कमी और संसाधन इसमें आड़े आ रहे हैं। हालात यह हैं कि 100 वार्ड के लिए मात्र आठ सफाई निरीक्षक ही हैं। एक निरीक्षक के पास 10 से 15 वार्ड की जिम्मेदारी है। सफाई कर्मचारियों की संख्या भी इंदौर की तुलना में आधे से कम है।
देहरादून देशभर में स्वच्छता रैंकिग में 69वें स्थान पर है। नगर निगम इस बार टॉप-50 शहरों में शामिल करने के लिए प्रयासरत है। 2018 में निगम के 40 वार्ड तो बढ़े, लेकिन उस हिसाब से न तो संसाधन बढ़े और न ही कर्मचारी। मानकों के हिसाब से देखा जाए तो हर दो-चार वार्ड के लिए एक सफाई निरीक्षक की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में निगम में केवल आठ सफाई निरीक्षण हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एक साथ इतने वार्ड की व्यवस्था कैसे जांचते होंगे।
सफाई कर्मचारियों की बात करें तो इनकी संख्या भी काफी कम हैं। जनसंख्या के हिसाब से देखा जाए तो निगम के सौ वार्ड की जनसंख्या 803983 है। इनके लिए मात्र 2416 सफाई कर्मचारी हैं। इसमें 640 नियमित, 192 आउटसोर्स और 1484 स्वच्छता मोहल्ला समिति के कर्मचारी हैं। बात इंदौर की करें तो इसकी तुलना में यहां आधे से कम कर्मचारी हैं।
निगम के पास सफाई इंस्पेक्टर की भारी कमी है। सफाई कर्मचारी भी काफी कम हैं। कई बार इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक नियुक्तियों की मंजूरी नहीं मिली। इससे निगम की सफाई व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
- मनुज गोयल, नगर आयुक्त