हिंदी साहित्य सम्मेलन एवं राजभाषा पखवाड़े शब्दावली के दूसरे दिन अनेक साहित्यिक कृतियों पर गहन चर्चा की गई। लेखकों, कवियों, अनुवादकों और साहित्य प्रेमियों ने पुस्तकों और उनमें विद्यमान अनूठे विचारों पर मंथन किया।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और वैली ऑफ वर्ड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शब्दावली में वरिष्ठ कवि लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने पुस्तक विचारों के शिल्पी : भगत सिंह का बौद्धिक ज्ञान में भगत सिंह की सोच और दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। डॉ. संजीव चोपड़ा ने भगत सिंह को एक विचारशील नेता कहा। अंबर परियां पुस्तक के अनुवादक सुबोध नीरव ने इस पुस्तक को जादुई यथार्थवाद का प्रमाण बताया, जबकि लेखक बलवंत सिंह ने कुछ रोचक प्रसंग साझा किए। पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी और डॉ. सुधा रानी पांडेय ने नए युग के संदर्भ में अमृतत्व की ओर पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डाला।
लेखक अमरदीप सिंह ने गुरु नानक की शिक्षाओं, सुनने की कला और उनके जीवन के प्रेरणादायक पहलुओं पर चर्चा की। इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो. डॉ. संजय जसोला, सुबोध नीरव, ममता किरण, अंजुम शर्मा, रमिता गुरव, प्रभात सिंह, जोरम यालाम नाबाम, अमरदीप सिंह, निलेश रघुवंशी, बीना बेंजवाल आदि मौजूद रहे।