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Iनिगम प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापनI
केंद्रीय ट्रेड यूनियन और संयुक्त किसान मंच के आह्वान पर शुक्रवार को राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के विभिन्न कार्यालयों में प्रदर्शन किया। निगम प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसके माध्यम से मजदूर, किसान और जन विरोधी फैसलों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
राष्ट्रीय महासचिव राकेश शर्मा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी, किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी फैसले ले रही है। संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग किया जा रहा है। 44 श्रम कानूनों में से 29 श्रम कानून समाप्त कर मजदूर वर्ग को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। केंद्र सरकार बड़ी चालाकी से सार्वजनिक संपत्तियों को पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेच रही है। जिलाध्यक्ष तनवीर आलम खान ने कहा कि न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रति माह किया जाए। पुरानी पेंशन स्कीम को लागू की जाए। रेहड़ी, ठेली लगाने वालों के लिए वेंडर जोन बनाए जाएं। कहा कि आंगनबाड़ी, भोजन-माताओं और आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में धीरेंद्र तड़ियाल, गोपाल वाल्मीकि, सोनू राम, कुलदीप, पूनम, गीता, अशफाक, पवन, अनिल आदि शामिल रहे।