प्रधानाचार्य की भर्ती प्रक्रिया के विरोध में शुक्रवार को जिले के 1590 शिक्षकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने चेतावनी देते हुए कहा, तीन दिन के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह 10 सितंबर को सामूहिक अवकाश कर निदेशालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर देहरादून के 171 विद्यालयों के शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य सीमित भर्ती निरस्त करने एवं सभी स्तरों की पदोन्नति करने की मांग को लेकर शिक्षक लंबे समय से आंदोलनरत हैं। मयूर विहार स्थित सीईओ कार्यालय में पहुंचे शिक्षकों ने सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के जिलामंत्री अर्जुन पंवार ने कहा, शिक्षकों की मांगों को सरकार अनदेखा कर रही है, जिससे शिक्षकों में भारी रोष है। चेतावनी देते हुए कहा, आगामी 10 सितंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बताया कि प्रदर्शन में चकराता से 33 विद्यालयों के 165, कालसी से 31 विद्यालयों के 310, विकासनगर से 23 विद्यालयों के 220, सहसपुर से 18 विद्यालयों के 150, रायपुर से 35 विद्यालयों एवं शाखाओं के 370, डोईवाला से 29 विद्यालयों के 375 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन करने वालों में प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री रमेश पैन्यूली, मंडलीय अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल, रघुवीर तोमर, सुषमा खत्री, राजेश गैरोला, हेमा काण्डपाल, देवेंद्र सगोई, शिशुपाल कंडारी, प्रदीप चौधरी, जय सिंह चौहान, सत्ये सिंह राणा, नागेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।