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I- एडीओ, बैंक प्रबंधक, सचिव और जिले के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी तयI
बकाया ऋण वसूली में पिछड़ी समितियों को अब अधिकारी गोद लेकर वसूली की रफ्तार बढ़ाएंगे। इसके लिए अधिकारियों की निगरानी में समितियां योजना बनाकर ऋण वसूली करेंगी।
दरअसल, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की ओर से जिलेभर में ऋण वसूली का कार्य जारी है। तमाम प्रयासों के बावजूद समितियों का अब भी सदस्यों पर 28 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में 39 समितियां संचालित हैं। 30 जून तक समितियों की ओर से 134 करोड़ के सापेक्ष 106 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई। जो 80 प्रतिशत से अधिक रही। जुलाई में भी 10 लाख का बकाया जमा हुआ है। जिले में करीब 12 समितियां ऐसी हैं, जिनकी ऋण वसूली 47 से 60 प्रतिशत ही रही। लिहाजा, ऐसी समितियों का कर्ज फंसने से कई तरह की परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वसूली में पिछड़ी समितियों को अब विकासखंड से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी गोद लेंगे। एडीओ को-ऑपरेटिव, बैंक प्रबंधक व सचिव के साथ ही जिले के आला अधिकारियों को इन समितियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जिले की समितियों की ओर से ऋण वसूली को लेकर बेहतर कार्य किया गया है, लेकिन इनमें से कई समितियां अपना निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी हैं। ऐसे में इन समितियों की ऋण वसूली को बढ़ाने के लिए अलग-अगल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। - डॉ. बीएस मनराल, एआर को-ऑपरेटिव, देहरादून