भेड़ पालकों के घर वापसी पर मनाया जाता है
विकासखंड अंतर्गत खारसी और मानवा गांव में नुड़ाई पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों नें पारंपरिक वेशभूषा में पूरे दिन पंचायती आंगन में हारुल, जैन्ता, रासो, तांदी आदि गीतों पर नृत्य किया और एक-दूसरे को बधाई दी।
दरअसल नुड़ाई पर्व भेड़ पालकों के घर वापसी पर मनाया जाता है। गांव के प्रत्येक घर में मीठी रोटी बनाई जाती है। जिसे स्थानीय भाषा में मीठा सेरुवा कहा जाता है। जिसका आधा टुकड़ा मात्रियों यानि वनदेवियों/परियों को चढ़ाया जाता था। आधा सेरुवा भेड़ चराहों को दिया जाता है। जिसे वह प्रसाद के रूप में सबको बांटते हैं। इसके अलावा वन देवियों के नाम पर सोने-चांदी के टीके, बिंदी चूड़ी, साज शृंगार का सामन, हल्दी, आटा, चावल आदि अर्पित किया जाता है। इस दिन भेड़ बकरियों को नहलाया जाता है। फिर उनके बाल उतारे जाते हैं। भेड़-बकरियों को नमक खिलाया जाता है। इसके पश्चात ग्रामीण पूरे दिन परिधानों व आभूषणों में पंचायती आंगन में पर्व का जश्न मनाते हैं। इस अवसर पर स्याणा शूरवीर सिंह, धर्म सिंह राणा, दिवान राणा, मातबर सिंह, मायाराम, रवि राणा आदि मौजूद रहे।