विभागीय अफसराें, कर्मियों को पहले तो फाइल को ढूंढने में ही घंटों मशक्कत करनी होती है, लेकिन अब आरटीओ में डेढ़ दशक पुरानी 10 लाख से अधिक फाइलों का डाटा क्लिक करते ही मिल जाएगा। आरटीओ ने बताया कि फिलहाल दफ्तर में 10 लाख से अधिक फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।
संभागीय परिवहन कार्यालय में अब डेढ़ दशक पुरानी गाड़ियों के पंजीकरण, टैक्स जमा करने के साथ ही वाहन स्वामियों के बारे में जानकारी एक क्लिक मिलेंगी। परिवहन मुख्यालय के निर्देश पर कार्यालय में मौजूद 10 लाख से अधिक फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।
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इसके लिए 26 कर्मियों की टीम सुबह से लेकर शाम तक काम कर रही है। अफसराें के मुताबिक, एक दिन में औसतन तीन हजार से ज्यादा फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है। मौजूदा समय में यदि आरटीओ दफ्तर में एक दशक पुरानी किसी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के साथ ही वाहन स्वामियों के बारे में कोई जानकारी लेनी होती है, तो विभागीय अफसराें, कर्मियों को पहले तो फाइल को ढूंढने में ही घंटों मशक्कत करनी होती है।
फिर धूल फांक रही फाइलों को साफ करने के बाद ही उसके बारे में कोई जानकारी मिल जाती है। अब आरटीओ में डेढ़ दशक पुरानी 10 लाख से अधिक फाइलों का डाटा क्लिक करते ही मिल जाएगा। आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि फिलहाल दफ्तर में 10 लाख से अधिक फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।
वाहनों से जुड़ी तमाम फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा सके, इसके लिए 26 कर्मियों की टीम को लगाया गया है। पहले 10 कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन उपनल के जरिए सोलह और कर्मियों की तैनाती की गई है। जहां तक फाइलों का डाटा फीड करने का सवाल है तो एक दिन में औसतन तीन हजार से अधिक फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।