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Dehradun News: अब छात्रों को पढ़ाई के साथ मिलेगा नौकरी करने का मौका

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Iअब छात्रों को पढ़ाई के साथ मिलेगा नौकरी करने का मौकाI
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I- जरूरतमंद छात्रों के लिए यूटीयू ने शुरू की ‘अर्न व्हाइल लर्न’ योजना की शुरूआत
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I- योजना के तहत पूर्व छात्र करेंगे अध्ययनरत छात्रों की काउंसिलिंगI

वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) व विवि से संबद्ध संस्थानों के छात्रों को अब पढ़ाई के साथ नौकरी करने का भी मौका मिलेगा। इसके लिए विवि व संस्थान के पूर्व छात्र अध्ययनरत छात्रों की काउंसिलिंग करेंगे। जरूरतमंद छात्रों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के मकसद से विवि ने ‘अर्न व्हाइल लर्न योजना’ की शुरूआत की है। योजना का लाभ छात्रों को इस साल के सत्र 2023-24 से मिलना शुरू होगा।


विवि की ओर से संस्थानों व विवि में अपनी निर्धारित कक्षाओं के बाद पार्ट टाईम कार्य दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसका अनुमोदन विवि की कार्यपरिषद में प्राप्त है। योजना के तहत छात्र लाईब्रेरी में कैटलॉगिंग, किताबों को लगाना, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत और प्राप्त करना आदि और कार्यालयी प्रशासन में सहायता के रूप में डाटा तैयार करना, डाटा फीडिंग, टाईपिंग, चेकिंग, स्कैनिंग, प्रिंटिंग, फिलिंग वर्क, परीक्षा अनुभाग संबंधी कार्य, सॉफ्टवेयर तैयार करना, सोशल मीडिया, विवि व संस्थान के लिए विभिन्न ऐप्लिकेशन्स में सॉफ्टवेयर मॉड्यूल्स में डिजिटल कन्टेंट तैयार करना और लैब (केवल स्नातकोत्तर व पीएचडी शोधार्थियों के लिए) का कार्य कर सकेंगे।
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विवि के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया, विवि के पूर्व छात्र जो यूटीयू एल्युमिनी एसोसिएशन के सदस्य होंगे, उन्हीं में से विवि की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्व छात्रों की स्वेच्छा से काउंसिलर नामित होंगे। नामित सदस्य ही अध्ययनरत छात्रों के लिए काउंसिलिंग कर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में योजना के उद्देश्यों के अनुरूप अपना कार्य करने को प्रेरित करेंगे। साथ ही छात्रों को उनकी आवश्यकताओं, क्षमताओं और कौशल के अनुसार उनके भविष्य की राह को आकार देने को परामर्श देने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
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Iविवि ने तय किया मेहनतानाI
योजना के तहत काम करने वाले छात्रों के लिए विवि की ओर से मेहनताना तय कर लिया गया है। इसके अनुसार ही छात्रों को भुगतान किया जाएगा। विवि के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया, सॉफ्टवेयर डेवलपिंग के लिए 250 रुपये प्रति घंटा व एक दिन में अधिकतम तीन घंटा तथा प्रत्येक महीने में अधिकतम 12000 रुपये तय किए गए हैं। टीचिंग असिस्टेंट (केवल पीएचडी शोधार्थी) को 500 रुपये प्रति घंटा और महीने भर में 12000 रुपये तय किए गए हैं। अन्य कार्य के लिए 100 रुपये प्रति घंटा और महीने भर में 6000 रुपये तय किए गए हैं।
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