कुल्हाल में दुकानों को ध्वस्तीकरण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन, आरोप है कि इनमें से कई दुकानों व खसरा नंबर को विभागीय साठ-गांठ कर अतिक्रमण से बाहर रखा गया है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए इकबाल, सुशील और ताहिर ने बताया कि कुल्हाल में 40 वर्षों से दुकान और छोटे-मोटा कारोबार कर जीवनयापन करते आ रहे हैं। बीते दिनों उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से जमीनों को खाली करने के लिए कहा गया था। इसमें हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बगैर जांच किए फिर से हमें नोटिस भेज दिए गए हैं। जबकि, विभागीय साठगांठ से कुछ खसरा नंबर व दुकानों को अतिक्रमण से बाहर रखा गया है। जानकारी में आया है कि ये लोग निगम में ठेकेदारी के कार्य में कार्यरत हैं। उन्होंने मांग की कि सभी की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और हमारा भी पक्ष सुना जाए। इसके अलावा, हमें दुकानों से सुरक्षित सामान निकालने का समय दिया जाए।