इसलिए इस भूमि पर सभी व्यक्तियों के अधिकार समाप्त हो चुके हैं। एडीएम ने कहा, स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज 24 जून को प्रस्तुत करें। इसके अलावा, चाय बागान की जमीन को अवैध तौर पर बेचने और अतिक्रमण करने पर विनोद कुमार, ईला खंडूड़ी, सरोज बिष्ट, मोनिका चौधरी, संजय गुलेरिया, आभा, राजा डोबरा, शांति नेगी, सविता, रमेश भट्ट को भी नोटिस भेजे गए हैं।
पार्टी स्तर पर विचार कर देंगे जवाब
वर्ष 2010 में मैं प्रदेश अध्यक्ष था। उसी समय भाजपा के प्रदेश कार्यालय के लिए जमीन खरीदने का प्रस्ताव आया। किसी व्यक्ति के बताने मैंने यह जमीन देखी। पार्टी के तत्कालीन पदाधिकारियों को भी दिखाई। सभी की सहमति से जमीन खरीद ली गई। पार्टी अध्यक्ष होने के कारण जमीन की रजिस्ट्री मेरे नाम से हुई। इसलिए नोटिस मेरे नाम से आया है। पार्टी स्तर पर विचार कर नोटिस का जवाब दिया जाएगा। -विशन सिंह चुफाल, तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
यह भाजपा के प्रदेश कार्यालय की जमीन से संबंधित नोटिस है। संबंधित जमीन चाय बागान की है। इस पर किसी प्रकार का निर्माण या कब्जा नहीं किया जा सकता। इसीलिए, नोटिस भेजकर स्वामित्व से संबंधित अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। -डॉ. एसके बरनवाल, एडीएम प्रशासन, देहरादून
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वहां कभी भी चाय बागान नहीं था। किसी तकनीकी त्रुटि के कारण इसे चाय बागान दिखाया गया होगा। हमने जमीन से संबंधित अपने कागज देखे। उसमें कहीं भी यहां चाय बागान नहीं है। इस मामले में जांच कर लें, ऐसा कोई विषय नहीं है।
-पुनीत मित्तल, प्रदेश कोषाध्यक्ष, भाजपा