केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राजधानी में पंद्रह सौ करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट से दो दर्जन से अधिक निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसी के तहत राजधानी के चौराहों और गलीकूंचों पर स्मार्ट मोनोपोल लगाए जाने हैं, लेकिन परियोजना के अधिकारियों को इसके लिए जमीन ही नहीं मिल रही है।
परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि लोग आशंका जता रहे हैं कि इन स्मार्ट मोनोपोल से खतरनाक तरंगे निकलेंगी। इसी डर से लोग अपनी जमीनें नहीं दे रहे हैं। जिससे इस योजना को धरातल पर उतारने में परेशानी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को गलत आशंका हो रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 57.20 करोड़ रुपये की लागत से राजधानी के विभिन्न इलाकों में सौ स्मार्ट मोनोपोल लगाए जाने हैं। लेकिन परियोजना को मंजूरी दिए जाने के पांच साल बाद भी अब तक राजधानी के विभिन्न चौराहों पर सिर्फ 28 स्मार्ट मोनोपोल लगाए जा सके हैं। जबकि 72 स्थानों पर स्मार्ट मोनोपोल लगाए जाने का मामला अधर में लटका हुआ है। हालांकि, स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों को उम्मीद है कि नगर निगम, जलसंस्थान, पीडब्ल्यूडी समेत कई सरकारी विभागों की ओर से जमीन मुहैया कराए जाने के बाद कुछ और स्मार्ट मोनोपोल जल्द से जल्द लग जाएंगे।
अभी तक इन स्थानों पर लगाए गए हैं स्मार्ट मोनोपोल
स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल राजधानी के दर्शनलाल चौक, जाखन, दिलाराम चौक, लैंसडौन चौक, लालपुल, आईएसबीटी, कारगी चौक, महाराजा अग्रसेन चौक, फौव्वारा चौक, आराघर चौक, क्रॉसरोड मॉल समेत 28 स्थानों पर स्मार्ट मोनोपोल लगाए गए हैं।
फ्री वाईफाई के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं
राजधानी के विभिन्न स्थानों पर स्मार्ट मोनोपोल लगने के बाद लोगों को फ्री वाईफाई की सुविधा के साथ ही यातायात के बारे में भी जानकारी मिलेगी। साथ ही स्मार्ट मोनोपोल पर लगी अत्याधुनिक लाइटों से भी इलाका जगमग रहेगा। स्मार्ट मोनोपोल के जरिये मौसम के साथ ही प्रदूषण के स्तर की भी जानकारी मिलेगी। स्मार्ट मोनोपोल पर लगे अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से चौराहों से गुजरने वाले तमाम व्यक्तियों और वाहनों की भी मॉनीटरिंग की जा सकेगी।
राजधानी के चिह्नित स्थानों पर स्मार्ट मोनोपोल लगाए जा सकें, इसके लिए तमाम सरकारी विभागों के साथ ही लोगों से वार्ता कर जमीनों को तलाशा जा रहा है। इसके लिए बजट का आवंटन पहले ही कर दिया गया है। जल्द ही अधिकारियों, इंजीनियरों के साथ बैठक कर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कराए जा रहे तमाम निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
.....सोनिका, जिलाधिकारी/ सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना