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नाइजीरियन गैंग की महिला सदस्य गिरफ्तार, चैरिटी के नाम पर कोटद्वार के व्यापारी से की थी 20 लाख की ठगी

Mon, 30 Sep 2019 08:47 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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महिला गिरफ्तार - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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चैरिटी के नाम पर कोटद्वार के एक व्यापारी से 20 लाख रुपए की ठगी करने वाले नाइजीरियन गैंग की एक महिला सदस्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की डीआईजी रिधिम अग्रवाल ने एसटीएफ की टीम को इनाम की घोषणा की है।

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कोटद्वार निवासी एक व्यापारी को किसी ने करीब एक साल पहले फोन पर बताया था कि वह भारत में चैरिटी का काम करते हैं। चैरिटी के लिए पैसा भेजने वाले विदेशी हैं। इसके लिए उन्हें किसी के खाते की आवश्यकता है।

खाते में जो भी रकम आएगी उसका 60 फीसदी वे खुद और 40 फीसदी खाताधारक को मिलेगी। करीब दो तीन महीने में इसी तरह बरगलाते हुए उन्होंने चेक व अन्य दस्तावेज स्कैन होने, एटीएम बनाने और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के नाम पर व्यापारी से 20 लाख रुपए अपने खातों में जमा करा लिए। बाद में जब उन्होंने फोन उठाने बंद कर दिए तो थक हारकर व्यापारी ने इसकी शिकायत देहरादून में साइबर थाने में की।
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एसटीएफ की डीआईजी रिधिम अग्रवाल के निर्देश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले के खुलासे के लिए टीम गठित की गई। एसटीएफ ने गत नौ सितंबर को आरोपियों मनोज कुमार और लालमन स्वामी को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

दोनों से पूछताछ में ठग गैंग की भारत में मुख्य आरोपी नाजनो यानथान और उसके नाइजीरियन साथियों द्वारा बड़े स्तर पर अन्य लोगों से भी इसी तरह की धोखाधड़ी सामने आई। शनिवार देर रात एसटीएफ की टीम ने नाजनो यानथान पुत्री तेसचाम यानथान निवासी दिफुपर, जिला दिमापुर (नागालैंड) को दिल्ली के एक ब्लॉक, महिपालपुर से गिरफ्तार कर लिया।

नाजनो यानथान से कई मोबाइल, एटीम कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। यानथान ने बताया गया कि वह नाइजीरियन ठग गैंग से जुड़ी हुई है। कुछ नाइजीरियन अब विदेश से भी गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। विदेशी नंबरों से काल करने, ई मेल भेजना, वाट्सएप आदि से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। गैंग के भारत में रह रहे सदस्यों को अपना एजेंट बताकर उनके मोबाइल नंबर लोगों को देते हैं।

गैंग से जुड़ी अधिकांश महिलाएं नार्थ ईस्ट से हैं। इनका मुख्य काम पैसों की लेन देन व अंतिम निकासी के लिए खाते व एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने होते हैं। यह भी पता लगा है कि नाइजीरियन अपराधी भारत में भी वाट्सएप को अपने विदेशी नंबर से ही चलाते हैं जिस कारण उनको ट्रेस करना कठिन होता है। 

एसटीएफ की डीआईजी ने बताया कि इस अपराध का क्षेत्र असीमित है। इसलिए शीघ्र ही पूरे देश में प्राप्त जानकारी का विवेचनात्मक दृष्टि से आदान-प्रदान किया जाएगा। टीम में एसटीएफ के निरीक्षक अमर चन्द शर्मा के अलावा सुनील भट्ट, मनोज बेनीवाल,  निर्मला चौहान, सुरेन्द्र कुमार शामिल थे।

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