मोहकमपुर (देहरादून) और हरिद्वार के बीच अधूरा रुका पड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-72 और मुजफ्फरनगर हरिद्वार (एनएच-58) का कार्य अब बहुत जल्दी शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने कार्यदायी संस्था ईरा इंफ्रास्ट्रकचर को कार्य पूरा करने के लिए एक मौका और दिया है। ईरा इंफ्रस्ट्रकचर के चेयरमैन एचएस भडाना ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से निर्माण कार्य में अड़ेंगे दूर करने के लिए मदद मांगी है। इस पर रावत ने शासन के आला अधिकारियों के साथ डीएम, एसएसपी को जिम्मेदारी सौंपी है।
सोमवार रात मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ एनएचआई, ईरा इंफ्रास्ट्रकचर और शासन के आला अधिकारियों की राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्य जल्दी से पूरा करने के संबंध में बैठक हुई। कार्यदायी संस्था के चेयरमैन भडाना ने बताया कि उत्तराखंड में खनन बंद है।
इससे रेत-बजरी हरियाणा से मंगानी पड़ रही है, जिससे लागत अधिक आ रही है। इसके अलावा मिट्टी की उपलब्धता में भी दिक्कत आ रही है। इसकी अनुमति दी जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिवों से कंपनी की मदद के लिए रास्ता निकालने के लिए कहा।
चेयरमैन भडाना ने बताया कि दूसरी दिक्कत यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग में आने वाले बिजली के तार, खंभों आदि को अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। इससे काम में दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव ऊर्जा उमाकांत पंवार को समस्या के तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
वहीं, राजमार्ग में पड़ने वाले कुछ पेड़ों को काटने की अनुमति अभी तक न मिली है। इस पर सीएम ने तुरंत निपटारे के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डीएम देहरादून और हरिद्वार को कंपनी की दिक्कत दूर करने के लिए कहा।
अपर मुख्य सचिव करेंगे मॉनीटरिंग
एनएच 72 और 58 के निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी को सौंपी है।
अपर प्रमुख सचिव मॉनीटरिंग के साथ कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए शासन-प्रशासन के अफसरों को निर्देशित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में प्रदेश शासन के स्तर से कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए, ताकि कोई मामला केंद्र सरकार के समक्ष जोरदारी के साथ रखा जा सके।