दून में एक नवजात को बेचने के मामले में फिलहाल बच्चे को बाल कल्याण समिति ने शिशु निकेतन में भेज दिया है। समिति ने बच्चे की दादी और गांव के प्रधान को बुलाया है। इसके बाद ही बाल कल्याण समिति बच्चे के हित में कोई फैसला लेगी। गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले शहर में एक दूधमुंहे बच्चे को बेचने का मामला सामने आया था। इसमें कोतवाली क्षेत्र के निवासी दंपती पर ही अपने बच्चे को बेचने का आरोप है। इस मामले में दंपती की ओर से 50 हजार रुपये में बच्चे को बेचने की बात भी सामने आई थी। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। मामले में बाल कल्याण समिति और पुलिस जांच कर रही है। बच्चे को फिलहाल शिशु निकेतन में भेजा गया है। समिति की जांच में पता चला कि दंपती रुद्रप्रयाग के रहने वाले हैं। दून में नौकरी करते हैं। समिति की अध्यक्ष डॉ. रश्मि कुलश्रेष्ठ ने बताया कि नवजात शिशु अपने मां-बाप के पास सुरक्षित नहीं है। मां-बाप जिम्मेदार भी नहीं हैं। अब रुद्रप्रयाग से नवजात की दादी और वहां के प्रधान को बुलाया गया है। इनसे पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।